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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग:-

Updated On : 19 Feb, 2022

उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिसूचना

यू.पी.पी.सी.एस परीक्षा को सम्मिलित राज्य अधीनस्थ सेवा परीक्षा (सामान्य चयन/ विशेष चयन)’ के नाम से भी जाना जाता है. वर्तमान में यह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यू.पी.पी.सी.एस) द्वारा आयोजित सर्वाधिक लोकप्रिय परीक्षा है। इस परीक्षा की प्रकृति  एवं प्रक्रिया संबंधी यू.पी.पी.सी.एस. (प्रवर) परीक्षा को सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (सामान्य चयन/ विशेष चयन) के नाम से भी जाना जाता है। वर्तमान में यह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यू.पी.पी.सी.एस) द्वारा आयोजित सर्वाधिक लोकप्रिय परीक्षा है। इस परीक्षा की प्रकृति  एवं प्रक्रिया संबंधी विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है।  

उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा की प्रकृति

आयोग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगी परीक्षा में तीन स्तर सम्मिलित हैं - 

  1. प्रारंभिक परीक्षा - वस्तुनिष्ठ प्रकृति 

  2. मुख्य परीक्षा - पारंपरिक लिखित (वर्णात्मक) प्रकृति 

  3. साक्षात्कार - मौखिक 

उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आयोग द्वारा इन परीक्षाओं से सम्बंधित विज्ञप्ति के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? शीर्षक में दिया होता है।  

  •  विज्ञप्ति में उक्त परीक्षा से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत विवरण दिया होता है। अतः फॉर्म भरने से पहले इसका अध्ययन करना जरुरी रहता है।  

  • फॉर्म भरने की प्रक्रिया समाप्त होने के सामान्यत: 3 से 4  महीने के अंतर्गत प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाती है।  

  • यह प्रारंभिक परीक्षा एक ही दिन आयोग द्वारा निर्धारित राज्य के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाती है।  

  • आयोग द्वारा आयोजित इस प्रारंभिक परीक्षा की प्रकृति वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होती है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक प्रश्न के लिये दिये गए चार विकल्पों ( a,b,c और d) में से एक सही विकल्प का चयन करना होता है।  

  •  प्रश्न से सम्बंधित इस चयनित विकल्प को आयोग द्वारा दिये गए ओ एम आर सीट में उसके सम्मुख दिये गए सम्बंधित गोले में उचित स्थान पर काले या नीले बॉल पॉइंट पेन से भरना होता है।  

  • यू.पी.पी.एस.सी. द्वारा आयोजित इस परीक्षा में गलत उत्तर के लिए नकारात्मक अंकन (1/3) का प्रावधान है।  

  • यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का एक से अधिक उत्तर देता है, तो उसे उत्तर को गलत माना जाता है।  

  • प्रश्न-पत्र  दो भाषाओं (हिंदी एवं अंग्रेजी) में दिये गए होते हैं। 

  • आयोग द्वारा वर्ष 2021  में इस प्रारंभिक परीक्षा की प्रकृति में बदलाव किया गया है जिसके अनुसार द्वितीय प्रश्न-पत्र में पूछे जाने वाले वैकल्पिक विषय (वस्तुनिष्ठ) के स्थान पर सीसैट के प्रश्न-पत्र को अपनाया गया।  

  • वर्तमान में आयोग की इस परीक्षा में दो अनिवार्य प्रश्न-पत्र (सामान्य अध्ययन एवं सीसैट) पूछे जाते हैं, जिसकी परीक्षा एक ही दिन दो विभिन्न पालियों में संपन्न होती है। 

  • प्रथम प्रश्न-पत्र सामान्य अध्ययन का है, जिसमें कुल संख्या 150 एवं अधिकतम अंक 200 निर्धारित है। 

  • द्वितीय प्रश्न-पत्र सीसैट का है, जिसमें प्रश्नों की कुल संख्या 100 एवं अधिकतम अंक 200 निर्धारित है।

  • वर्ष 2016 की प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट का यह प्रश्न-पत्र केवल क्वालीफाइंग कर दिया गया है। इसमें सफल होने के लिये न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

  • इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए 70-75% अंक प्राप्त करने की आवयश्कता होती है, लेकिन कभी-कभी प्रश्नों के कठिनाई स्तर को देखते हुए यह प्रतिशत कम भी हो सकता है।

  • प्रारंभिक परीक्षा की प्रकृति क्वालीफाइंग होती है। इसमें प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार के अंकों के साथ नहीं जोड़ा जाता है।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा मुख्य परीक्षा प्रक्रिया

  • मुख्य परीक्षा विषय के अनुसार एक से अधिक दिनों तक आयोजित की जाती है।

  •  यू.पी.पी.सी.एस मुख्य परीक्षा के प्रश्न-पत्र दो भागों (अनिवार्य एवं वैकल्पिक) में विभाजित है।

  • अनिवार्य विषयों में- सामान्य अध्ययन के चार प्रश्न-पत्र तथा सामान्य हिन्दी एवं निबंध के प्रश्न-पत्र लिखित (वर्णात्मक) प्रकृति के होते हैं।

  • वैकल्पिक विषय में अभ्यर्थी द्वारा विज्ञप्ति के दौरान उसमें दिये गए विषयों में से चयनित एक वैकल्पिक विषय के दो प्रश्न-पत्र (प्रथम प्रश्न-पत्र और द्वितीय प्रश्न-पत्र) शामिल हैं, जिसकी प्रकृति लिखित वर्णात्मक होती है।

  • वर्ष 2015 से इस मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषय में पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति के साथ-साथ उत्तर पुस्तिका में भी बदलाव किया गया है।

  • प्रत्येक प्रश्न विभिन्न खंड में विभाजित रहते हैं वही इन सभी प्रश्नों के उत्तर को आयोग द्वारा दिए गए उत्तर-पुस्तिका में निर्धारित स्थान पर निर्धारित शब्दों में अधिकतम तीन घंटे की समय सीमा में लिखना होता है (वैकल्पिक विषय के सभी प्रश्न-पत्रों में 2 खंड होंगे। प्रत्येक खंड में चार-चार प्रश्न होंगे।)

  • अभ्यर्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखने होंगे। प्रत्येक खंड से दो-दो प्रश्न हल करना आवश्यक है।

  • मुख्य परीक्षा में कुल 1500 अंकों की होती है।

  • सामान्य अध्ययन के चारों प्रश्न-पत्रों के लिए अधिकतम 800 अंक (प्रत्येक प्रश्न-पत्र के लिए 200) निर्धारित है। इन प्रत्येक प्रश्न-पत्रों को हल करने की अवधि 3 घंटे की होती है। 

  • अनिवार्य सामान्य हिन्दी के लिये150 अंक एवं निबंध के लिए 150 अंक निर्धारित होते हैं। 

  • वैकल्पिक विषय के दोनों प्रश्न-पत्रों (कुल 2 प्रश्न-पत्र) के लिये 200-200 अंक निर्धारित हैं।अर्थात् एक वैकल्पिक विषय के कुल 2 प्रश्न-पत्रों के लिये 400 अंक निर्धारित किये गए है।

  • निबंध हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू में लिखा जा सकता है

उत्तर प्रदेश लोक सेवा साक्षात्कार

  • मुख्य परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को एक माह पश्चात आयोग के समक्ष साक्षात्कार के लिये उपस्थित होना होता है।

  • साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है जिसमें आयोग के सदस्यों द्वारा आयोग में निर्धारित स्थान पर मौखिक प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसका उत्तर अभ्यर्थी को मौखिक रूप से देना होता है। यह प्रक्रिया अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार एक से अधिक दिनों तक चलती है।  

  •  यू.पी.पी.सी.एस में साक्षात्कार के लिये कुल 100 अंक निर्धारित हैं।

  • मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार समाप्त होने के एक सप्ताह पश्चात अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूचि जारी की जाती है।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा पाठ्यक्रम

प्रारंभिक परीक्षा 

 प्रश्न-पत्र- I

सामान्य अध्ययन-I

राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्तव की सामयिक घटनाएँ - राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय महत्त्व की समसामयिक घटनाओं पर अभ्यर्थियों को जानकारी रखनी होगी।

भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन - इतिहास के अंतर्गत भारतीय इतिहास के सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक पक्षों की व्यापक जानकरी पर विशेष ध्यान देना होगा। भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर उम्मीदवारों से स्वतंत्रता आंदोलन की प्रकृति तथा विशेषता, राष्ट्रवाद का अभ्युदय तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के बारे में सामान्य जानकारी उपेक्षित है।

भारत एवं विश्व का भूगोल - भारत एवं विश्व का भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल, विश्व का भूगोल में विषय की केवल सामान्य जानकरी की परख होगी। भारत का भूगोल के अंतर्गत देश के भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल से संबंधित प्रश्न होंगे।

भारतीय राजनीतिक एवं शासन - संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, लोकनीति, आधिकारिक प्रकरण आदि भारतीय राज्य व्यवस्था,अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति के अंतर्गत देश के पंचायती राज तथा सामुदायिक विकास सहित राजनीतिक प्रणाली का  ज्ञान।

आर्थिक एवं सामाजिक विकास - सतत् विकास, गरीबी अंतर्विष्ट जनसांख्यिकीय, सामाजिक क्षेत्र के इनिशियेटिव आदि का  ज्ञान।

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संबंधी सामान्य विषय जैव- विविधता एवं जलवायु परिवर्तन - इस विषय में विषय विशेषज्ञता की आवयश्कता नहीं है। अभ्यर्थियों से विषय की सामान्य जानकरी अपेक्षित है।

सामान्य विज्ञान - सामान्य विज्ञान के प्रश्न दैनिक अनुभव तथा  प्रेक्षण से सम्बंधित विषयों सहित विज्ञान के सामान्य परिबोध एवं जानकरी पर आधारित होंगे, जिसकी किसी भी सुशिक्षित व्यक्ति से अपेक्षा का जा सकती है। 

नोट :- अभ्यर्थियों से यह अपेक्षित होगा कि उत्तर प्रदेश के विशेष परिपेक्ष्य में उपर्युक्त विषयों का उन्हें सामान्य परिचय हो।

प्रश्न-पत्र - II

सामान्य अध्ययन-II

  • विस्तारीकरण (कॉम्प्रिहेंशन)

  • अंतर्वैयक्तिक क्षमता जिसमें संप्रेषण कौशल भी समाहित होगा 

  • तार्किक एवं विश्लेषणात्मक योग्यता 

  • निर्णय क्षमता एवं समस्या समाधान 

  • सामान्य बौद्धिक योग्यता 

  • प्रारंभिक गणित हाईस्कूल स्तर तक - अंकगणित, बीजगणित व सांख्यिकी 

  • सामान्य अंग्रेजी हाईस्कूल स्तर तक

  • सामान्य हिन्दी हाईस्कूल स्तर तक 

प्रारंभिक गणित (हाईस्कूल स्तर तक) के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किये जाने वाले विषय   

  • अंकगणित - (1) संख्या पद्धति: प्राकृतिक, पूर्णांक, परिमेय एवं वास्तविक  संख्याएँ,पूर्णांक संख्याओं के विभाजक एवं अविभाज्य पूर्णांक संख्याएँ। पूर्णांक संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्त्य तथा उनमें संबंध। (2) औसत (3) अनुपात एवं समानुपात (4) प्रतिशत (5) लाभ -हानि (6) साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज (7) समय तथा कार्य (8) समय तथा दूरी।

  • बीजगणित - बहुपद के गुणनखंड, बहुपदों का लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्त्य एवं उनमें संबंध, शेषफल प्रमेय, सरल युगपत समीकरण,  द्विघात समीकरण (2) समुच्चय सिद्धांत, उप समुच्चय, उचित समुच्चय, रिक्त समुच्चय, समुच्चयों के बीच सक्रियाएँ (संघ, प्रतिछेद, अंतर, समीमित अंतर), बेन- आरेख।  

  • रेखागणित - (1) त्रिभुज, आयत, वर्ग, समलम्ब चतुर्भुज एवं वृत्त की रचना एवं उसके गुण संबंधी प्रमेय तथा परिमाप एवं उनके क्षेत्रफल, (2) गोला, समकोणीय वृत्ताकार बेलन, समकोणीय वृत्ताकार शंकु तथा धन के आयतन एवं पृष्ठ क्षेत्रफल। 

  • सांख्यिकी: आँकडों  का संग्रह, आँकडोंन का वर्गीकरण, बारंबारता, बंटन, सारणीयन, संचयी बारंबारता, आँकडों का निरूपण, दंडचार्ट, पाईचार्ट, आयत चित्र, बारंबारता बहुभुज, संचयी बारंबारता।

General English 

  • Comprehension

  • Active Voice and Passive Voice 

  • Parts of Speech 

  • Transformation of Sentences

  • Direct and Indirect Speech 

  • Punctuation and Spellings 

  • Words meanings 

  • Vocabulary & Usage 

  • Idioms and Phrases 

  • Fill in the Blanks 

सामान्य  हिन्दी 

  • हिन्दी वर्णमाला, विराम चिह्न 

  • शब्द रचना, वाक्य रचना अर्थ 

  • समास

  • शब्द रूप 

  • संधि 

  • अनेकार्थी शब्द 

  • विलोम शब्द 

  • पर्यायवाची शब्द 

  • मुहावरे और लोकोत्तियाँ

  • तत्सम एवं तद्भव, देशज, विदेशी (शब्द)

  • वर्तनी 

  • अर्थबोध

  • उत्तर प्रदेश की मुख्य बोलियाँ 

  • हिन्दी भाषा के प्रयोग में होने वाली अशुद्धियाँ

मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 

सामान्य अध्ययन - I

  • भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

  • 18 वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

  • स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।  

  • स्वतंत्रा संग्राम-इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण स्वंत्रता के पश्चात देश के अंदर एकीकरण और पुर्नगठन।

  • विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुन:सीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव आदि शामिल होंगे।

  • भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।

  • महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

  • भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।

  • सामाजिक सशक्तीकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।

  • भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।

  • महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

  • भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।

  •  सामाजिक सशक्तीकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।

  • विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।

  • विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये जिम्मेदार कारक।

  • भूकंप,सुनामी ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्तवपूर्ण भू-भौतिकय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्तवपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्त्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

  • भारत के समुद्री संसाधन और उनकी क्षमता ।

  • मानव प्रवास-भारत पर ध्यान देने के साथ विश्व की शरणार्थी समस्या।

  • भारतीय उपमहाद्वीप के संदर्भ में सीमा और सीमांत।  

  • जनसंख्या और बस्तियाँ-प्रकार और पैटर्न, शहरीकरण, स्मार्ट और स्मार्ट गाँव।

  • उत्तर प्रदेश का विशिष्ट ज्ञान- इतिहास, संस्कृति, कला, वास्तुकला, त्योहार, लोक नृत्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषाएँ, विरासत, सामाजिक रीति-रिवाज और पर्यटन।

  •  उत्तर प्रदेश भूगोल का विशिष्ट ज्ञान-मानव संसाधन, जलवायु, मिट्टी, वन, वन्यजीव, खान और खनिज, सिंचाई के स्त्रोत।

सामान्य अध्ययन -II

  • भारतीय संविधान - ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन,महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियाद संरचना।

  • संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढांचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।

  • भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना।

  • संसद और राज्य विधायिक सरंचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार।

  • कार्यपालिका और न्यापालिका की संरचना और कार्य सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समहू और औपचारिक/अनौपचारिक  संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका 

  • जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ

  • विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभन्न संवैधानिकनिकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।

  • सरकारी नीतियों और विभन्न क्षेत्रो में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारणउत्पन्न  विषय।  

  • केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

  • स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से सम्बंधित सामाजिक क्षेत्र/ सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

  • गरीबी एवं भूख से सम्बंधित विषय।

  • शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्तवपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस - अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

  • लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।

  • भारत एवं इसके पड़ोसी-संबंध।

  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से सम्बंधित और भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

  • करंट अफेयर्स और क्षेत्रीय, राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की घटनाएँ

सामान्य अध्ययन-III

  • भारत में आर्थिक योजना, उद्देश्य और उपलब्धियाँ, नीति आयोग की भूमिका, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) गरीबी, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के मुद्दे

  • सरकारी बजट और वित्तीय प्रणाली के घातक 

  • देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न - सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली-कृषि उत्पाद का 

  • भंडारण, परिवहन तथा विपणन, सबंधित विषय और बाधाएँ किसानों की सहायता के लिए ई-प्रौद्योगिकी।

  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय जन वितरण प्रणाली - उद्देश्य,

  • कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

  • देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न - सिंचाई के विभिन्न प्रकार प्रणाली - कृषि उत्पाद का 

  • भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग

  • स्वतंत्रता के बाद भारत में भूमि सुधार।

  • उदारीकरण का अर्थशास्त्र पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।

  • ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

  • विज्ञान एवं  प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ, देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

  • एक गैर-पारंपरिक सुरक्षा और सुरक्षा चुनौती के रूप में आपदा, आपदा न्यूनीकरण और प्रबंधन

  • अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां- परमाणु प्रसार के मुद्दे, उग्रवाद के कारण और प्रसार, संचार नेटवर्क, मीडिया और सोशल नेटवर्किंग की भूमिका

  • सूचना प्रौद्योगिकी, अन्तरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टेक्नोलॉजी, बायो- टेक्नोलॉजी

  • बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता और डिजिटल अधिकार

  • पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीव का संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण प्रदूषण और गिरावट, पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन

  • साइबर सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी 

  • भारत की अंतरिक्ष सुरक्षा एवं चुनौतियां

  • उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का विशिष्ट ज्ञान- राज्य बजट, कृषि का महत्व,उद्योग, आधारभूत सरंचना और भौतिक संसाधन, मानव संसाधन और कौशल विकास, सरकारी कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाएँ।

  • राज्य के कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन के मुद्दे

  • उत्तर प्रदेश के विशेष सन्दर्भ में कानून और व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा

 सामान्य अध्ययन-IV

  • नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंध,मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम नीतिशास्त्र के आयाम निजी और सार्वजनिक संबंधो में नीतिशास्त्र, मानव मूल्य।

  •  महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका।

  • अभिवृति- सरंचना, वृति, विचार तहत आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध;

  • सिविल सेवा के लिए अभिरुचि तहत बुनियादी मूल्य-सत्यनिष्ठा, सहिष्णुता तथा संवेदना।

  • भावनात्मक समझ; अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग।

  • भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

  • लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र स्थिति तथा समस्याएँ, सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ, नैतिक मार्गदर्शन के स्त्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा, उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे;

  • शासन  व्यवस्था में ईमानदारी लोक सेवा की अवधारणा; शासन और ईमानदारी का दार्शिनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान -प्रदान और पारदर्शित सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।

निबंध -
निबंध के प्रश्न-पत्र में तीन खंड होंगे। उम्मीदवारों को प्रत्येक खंड से एक विषय का चयन करना होगा और उन्हें प्रत्येक विषय पर 700 शब्दों में एक निबंध लिखना होगा। तीन खंडो में, निबंध के विषय निम्नलिखित क्षेत्रों पर आधारित होंगे -

  • खंड A (1) साहित्य और संस्कृति (2) सामाजिक क्षेत्र (3) राजनीति क्षेत्र

  • खंड B (1) विज्ञान, पर्यावरण और प्रोद्योगिकी (2) आर्थिक क्षेत्र (3) कृषि,  उद्योग और व्यापार

  • खंड C (1) राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाएँ (2) प्राकृतिक आपदाएँ, भूस्खलन, भूकंप, जलप्रलय, सूखा आदि।

सामान्य हिन्दी

  • दिये गए गद्य खंड का अवबोध एवं प्रश्नोत्तर,

  • संक्षेपण,

  • सरकारी एवं अर्धसरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, अधिसूचना, परिपत्र, 

  • शब्द ज्ञान एवं प्रयोग, 

  • उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग, 

  • विलोम शब्द, 

  • शब्द समूह के लिए एक शब्द,  

  • वर्तनी एवं वाक्य  शुद्धि लोकोक्ति एवं मुहावरे।

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